कॉमनवेल्थ गेम्स में यूपी पुलिस की महिला दरोगा अस्मिता डे का स्वर्णिम कारनामा, जूडो में भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड



उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक डाल दिया। महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की खिलाड़ी को कड़े संघर्ष के बाद मात देकर देश का मान बढ़ाया। यह जीत भारतीय महिला जूडो के लिए एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।
त्रिपुरा के बेलोनिया की रहने वाली अस्मिता डे वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सब-इंस्पेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। खेल के प्रति समर्पण और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने के साथ उनका नाम देश की चुनिंदा सफल महिला खिलाड़ियों में शामिल हो गया है।
अस्मिता की इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश पुलिस, खेल प्रेमियों और देशभर के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी उनकी जीत की जमकर सराहना हो रही है। उनकी सफलता को युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी जीत के बाद यह चर्चा भी तेज है कि उत्तर प्रदेश सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति के तहत उन्हें पुलिस विभाग में डिप्टी एसपी (DSP) पद पर पदोन्नति मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
अस्मिता डे की यह ऐतिहासिक जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय महिला खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास, अनुशासन और संघर्ष का प्रतीक है। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के दम पर विश्व मंच पर तिरंगा शान से लहराया जा सकता है।
