प्रतापगढ़। सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक नौशाद हिंदुस्तानी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए समाज में बढ़ती नफरत, जातिवाद और धार्मिक कट्टरता पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से इंसानियत, भाईचारे और आपसी प्रेम को सर्वोपरि रखने की अपील की है।
अपने संदेश में नौशाद हिंदुस्तानी ने कहा कि आज के समय में लोग धर्म, जाति, अमीरी-गरीबी, जमीन-जायदाद और राजनीतिक मतभेदों के कारण एक-दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक दिन सभी को इस दुनिया से जाना है, तो नफरत और वैमनस्य का क्या औचित्य है।
उन्होंने कहा कि हर धर्म और मजहब इंसानियत, प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है, लेकिन कुछ लोग धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि समाज के अधिकांश लोग अच्छे हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व पूरे समाज की छवि खराब कर रहे हैं।
नौशाद हिंदुस्तानी ने स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1947 से पहले देश की आजादी के लिए सभी धर्मों और जातियों के लोगों ने मिलकर संघर्ष किया था। उसी एकता और आपसी विश्वास के कारण देश को आजादी मिली। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से भी उसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी बातों से हर कोई सहमत नहीं होगा और कुछ लोग उनकी आलोचना भी करेंगे, लेकिन यदि उनके संदेश से एक भी व्यक्ति सकारात्मक सोच अपनाता है तो वह अपने प्रयास को सफल मानेंगे।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने लोगों से शिक्षा, समानता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों को अपनाने, समाज में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की अपील की।
“नफरत नहीं, मोहब्बत बांटिए… इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।”



