सपा में भीतर की नाराजगी आई सामने, जिला उपाध्यक्ष वासिक खान ने सांसद-विधायकों की कार्यशैली पर उठाए सवाल


प्रतापगढ़। समाजवादी पार्टी की प्रतापगढ़ इकाई में अंदरूनी नाराजगी अब सार्वजनिक होती दिखाई दे रही है। पार्टी के जिला उपाध्यक्ष और अधिवक्ता मो. वासिक खान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए जिले के सपा सांसदों और विधायकों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं को टैग करते हुए जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए और नेतृत्व से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
वासिक खान का आरोप है कि प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी के दो सांसद और दो विधायक हैं, लेकिन आम कार्यकर्ताओं और जनता के कामों में समानता नहीं बरती जा रही। उन्होंने दावा किया कि कई जनप्रतिनिधियों के यहां अपनी-अपनी बिरादरी से जुड़े लोगों के कामों को प्राथमिकता मिलती है, जबकि अन्य वर्गों के लोगों के काम अपेक्षाकृत कम किए जाते हैं।
मंच पर PDA, काम में भेदभाव का आरोप
जिला उपाध्यक्ष ने अपनी पोस्ट में पार्टी की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंचों से सामाजिक न्याय और PDA की बात जोर-शोर से की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सभी वर्गों को समान महत्व नहीं मिलने की शिकायतें हैं।
उन्होंने पट्टी विधायक राम सिंह पटेल, रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा और सांसद एसपी सिंह पटेल का नाम लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। सांसद पुष्पेंद्र सरोज को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। हालांकि डॉ. आरके वर्मा के बारे में उन्होंने अपेक्षाकृत अलग रुख रखते हुए कहा कि वह कुछ हद तक मुस्लिम और PDA वर्ग के लोगों के काम करते हैं।
मुस्लिमों को लेकर भी लगाए आरोप
वासिक खान ने अपनी पोस्ट में मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों के कामों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों को पार्टी के जनप्रतिनिधियों से सहयोग की उम्मीद रहती है, उन्हें कई मामलों में निराशा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मुस्लिमों की मदद करने के बजाय उन्हें कथित तौर पर फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, ये सभी आरोप जिला उपाध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित सांसदों और विधायकों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
2027 के चुनाव से पहले नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग
वासिक खान ने पार्टी नेतृत्व से प्रतापगढ़ की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने आगामी शिक्षक एमएलसी, स्नातक एमएलसी और विधानसभा चुनाव 2027 का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ताओं और PDA वर्ग के बीच असंतोष है तो नेतृत्व को समय रहते इस पर ध्यान देना चाहिए।
सार्वजनिक पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल
सपा के भीतर से उठी यह आवाज इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आरोप लगाने वाला व्यक्ति खुद पार्टी का जिला पदाधिकारी है। आमतौर पर संगठन के भीतर की नाराजगी पार्टी फोरम तक सीमित रहती है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया के जरिए मामला सार्वजनिक होने से स्थानीय सियासत गरमा गई है।
अब देखना यह होगा कि सपा नेतृत्व इस पोस्ट को किस रूप में लेता है और आरोपों के घेरे में आए सांसद-विधायक इस पर क्या जवाब देते हैं। फिलहाल जिला उपाध्यक्ष की पोस्ट ने प्रतापगढ़ में पार्टी की अंदरूनी राजनीति और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।



