
कोहड़ौर प्रकरण में पुलिस जांच से सच सामने आया, हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना से हुई मृत्यु
प्रतापगढ़, 02 मार्च 2026।
थाना कोहड़ौर, जनपद प्रतापगढ़ में पंजीकृत मु0अ0सं0 36/2026 धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज प्रकरण की गहन विवेचना में हत्या की आशंका पूर्णतः निराधार पाई गई है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक की मृत्यु एक दुर्घटनावश सड़क हादसे में हुई थी।
प्रकरण की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर श्री शिवनारायण वैस द्वारा स्वयं करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित पद्धति से संपादित की गई। विवेचना के दौरान एफआईआर, नकल चिक, रपट, वादी एवं गवाहों के बयान, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिमत, घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल भुगतान विवरण, डायल-112 कॉल लॉग एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों का क्रमबद्ध विश्लेषण किया गया।
जांच में सामने आया कि दिनांक 25 फरवरी 2026 को मृतक वीरेन्द्र कुमार गौतम अपने परिचितों के साथ एक बारात कार्यक्रम में शामिल हुआ था, जहां उसने मदिरा/बीयर का सेवन किया था, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज एवं डिजिटल भुगतान अभिलेखों से हुई। रात्रि लगभग 21:30 बजे वह अकेले मोटरसाइकिल से एक परिचित को मोबाइल लौटाकर वापस आ रहा था।
इसी दौरान रात्रि लगभग 21:45 बजे लौली नहर पुल के पास, नहर मार्ग पर मोटरसाइकिल असंतुलित होकर सड़क किनारे स्थित विद्युत पोल से टकरा गई। टक्कर अत्यंत भीषण थी, जिससे मृतक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पीआरवी एवं एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ भिजवाया गया, जहां उपचार के दौरान 26 फरवरी 2026 की रात्रि उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं चिकित्सकीय अभिमत में मृत्यु का कारण गंभीर सिर की चोट एवं आघातजनित चोटें बताया गया है, जो पूर्णतः सड़क दुर्घटना से संगत है। विवेचना में नामजद व्यक्तियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता अथवा मारपीट का कोई प्रमाण नहीं मिला। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सीडीआर एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों से भी घटना के दुर्घटनावश होने की पुष्टि हुई।
समस्त साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रकरण में हत्या अथवा किसी आपराधिक षड्यंत्र का कोई तथ्य नहीं है, बल्कि यह एक दुर्घटनावश हुई सड़क दुर्घटना का मामला है। अतः संबंधित धाराओं में कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ।
जनपद प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक विवेचना कर वास्तविक तथ्यों को जनमानस के समक्ष स्पष्ट किया गया है।

