
प्रतापगढ़। जनपद में हाईवे पर हुई सर्राफा लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 9 लाख 60 हजार रुपये नकद और तीन किलो चांदी की लूट किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि खुद सर्राफा कारोबारी रितेश मौर्य ने अपने साथी के साथ मिलकर साजिशन कराई थी।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में की गई त्वरित कार्रवाई में कोहंडौर थाना क्षेत्र निवासी अभियुक्त अनुज दुबे के घर से लूटी गई पूरी रकम 9.60 लाख रुपये नकद, तीन किलो चांदी (तीन सिल्ली), एक पिठ्ठू बैग, एक अवैध तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा टाटा पंच कार बरामद की गई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त अनुज दुबे ने पूछताछ में बताया कि रितेश मौर्य पर उसकी कुछ रकम बकाया थी। पैसे वापस मांगने पर रितेश ने लूट की फर्जी योजना तैयार कर उसे झांसे में ले लिया। रितेश ने स्वयं प्रयागराज से लौटते समय अपनी गाड़ी से लूट कराने की पूरी पटकथा तैयार की और पहचान के लिए विशेष संकेत भी तय किए।
योजना के अनुसार देल्हूपुर जंगल के पास अनुज दुबे अपने दो साथियों के साथ हथियार के बल पर लूट को अंजाम देने पहुंचा। लूट के बाद रितेश स्वयं पुलिस को सूचना देने वाला था, जिससे पूरी घटना वास्तविक प्रतीत हो सके। हालांकि, घटना के बाद रितेश फरार हो गया, जिससे लूट की रकम का बंटवारा नहीं हो सका और पूरी राशि अनुज दुबे के पास ही रह गई।
गिरफ्तार अभियुक्त
रितेश मौर्य उर्फ पंकज, पुत्र राजाराम मौर्य, निवासी रामगंज बाजार, थाना रामगंज, जनपद अमेठी, उम्र लगभग 33 वर्ष
अवनीश कुमार तिवारी उर्फ आयूष तिवारी, पुत्र जग नारायण तिवारी, निवासी राजगढ़, थाना कोतवाली देहात, प्रतापगढ़, उम्र लगभग 30 वर्ष
अनुज दुबे उर्फ अनोज कुमार दुबे, पुत्र हरीराम दुबे, निवासी लोकई का पुरवा, थाना कोहंडौर, प्रतापगढ़, उम्र लगभग 40 वर्ष
फरार अभियुक्त की तलाश जारी
घटना में शामिल अभियुक्त केट्टन दुबे पुत्र रामकृपाल दुबे निवासी ग्राम हनियापुर, थाना कोहंडौर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने टीम को सराहना देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



